बिलासपुर. न्यूजअप इंडिया
छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने कारोबारी अनवर ढेबर सहित 4 की जमानत याचिका खारिज कर दी है। शुक्रवार को कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला दिया है। याचिका कारोबारी अनवर ढेबर, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, नितेश पुरोहित और आबकारी विभाग के विशेष सचिव रहे अरुणपति त्रिपाठी की ओर से लगाई गई थी। चारों आरोपियों को पिछले दिनों ED ने गिरफ्तार किया था। ईडी ने राजनीतिक संरक्षण में 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा अवैध कमाई की बात चार्जशीट में कही है। ईडी द्वारा आरोपी बनाए गए अनवर ढेबर रायपुर के महापौर एजाज ढेबर के भाई है।
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सबसे पहले अनवर ढेबर को अरेस्ट किया था। ईडी ने चार्जशीट में 2000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शराब से अवैध रूप से कमाना बताया है। ED की ओर से कहा गया कि अनवर ने अपने साथ जुड़े लोगों को तय हिस्सेदारी बांटी और बाकी की बड़ी रकम अपने पॉलिटिकल मास्टर्स (राजनीतिक संरक्षकों) को दी है। ईडी ने इस केस में आबकारी विभाग के अधिकारी एपी त्रिपाठी, कारोबारी त्रिलोक ढिल्लन, नितेश पुरोहित, अरविंद सिंह को गिरफ्तार कियाह है। फिलहाल, होटल कारोबारी अनवर ढेबर को मेडिकल ग्राउंड्स पर जमानत मिली है।
CBI से शराब घोटाले की जांच करने HC में याचिका
22 मई 2023 को प्रवर्तन निदेशालय की ओर से जारी की गई आधिकारिक जानकारी में कहा गया कि, अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी और अफसर अनिल टुटेजा से 121.87 करोड़ की 119 अचल संपत्ति अटैच की गई है। शराब घोटाला मामले में अब तक प्रदेश में कुल 180 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की जा चुकी है। इसमें कैश, एफडी भी होल्ड किए गए हैं। ईडी ने त्रिलोक सिंह ढिल्लो की 27.5 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट फ्रीज कर दी थी। 28 करोड़ रुपये के आभूषण भी जब्त किए थे। ईडी ने हाईकोर्ट में शराब घोटाले की जांच CBI से कराए जाने पिटीशन भी दायर किया है।
