रांची. एजेंसी। झारखंड राज्य में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन एक बार फिर से राज्य के सीएम बनने जा रहे हैं। बुधवार को पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन के विधायकों ने सर्वसम्मति से हेमंत सोरेन को अपना नेता चुन लिया। इसके बाद झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन रांची स्थित राजभवन पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
बता दें कि चंपई सोरेन ने हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद झारखंड के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में दो फरवरी को शपथ ग्रहण किया था। झारखंड में इस साल नवंबर-दिसंबर में विधानसभा का चुनाव भी प्रस्तावित हैं। बुधवार को गठबंधन के नेताओं और विधायकों ने मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के आवास पर एक बैठक के दौरान सर्वसम्मति से हेमंत सोरेन को झामुमो विधायक दल का नेता चुनने का फैसला किया। इसके बाद यह तय हो गया कि हेमंत सोरेन फिर सीएम बनेंगे। हेमंत सोरेन तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे। बता दें कि हेमंत सोरेन को पांच महीनों के बाद हाईकोर्ट से जमानत मिली है।
झारखंड के 13वें मुख्यमंत्री होंगे सोरेन
सूत्रों के मुताबिक बैठक में हेमंत सोरेन को एक बार फिर राज्य का मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री के रूप में फिर से शपथ लेने के बाद हेमंत सोरेन झारखंड के 13वें मुख्यमंत्री होंगे। झारखंड मंत्रिपरिषद में 12 मंत्री हो सकते हैं, लेकिन वर्तमान में 10 मंत्री हैं। झारखंड 15 नवंबर 2000 को बिहार से अलग होकर एक पृथक राज्य बना था। छत्तीसगढ़ और झारखंड को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने नया राज्य बनाया था।
झारखंड विधानसभा की ऐसी ही स्थिति
लोकसभा चुनाव-2024 के बाद झारखंड में झामुमो-नीत गठबंधन के विधायकों की संख्या घटकर 45 रह गई है, जिनमें झामुमो के 27, राजद का एक और कांग्रेस के 17 विधायक शामिल हैं। झामुमो के दो विधायक- नलिन सोरेन और जोबा माझी अब सांसद हैं, जबकि जामा से विधायक सीता सोरेन ने भाजपा के टिकट पर आम चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दे दिया था। झामुमो ने बिशुनपुर से विधायक लिंडा और बोरियो से विधायक लोबिन हेम्ब्रम को पार्टी से निष्कासित कर दिया था, लेकिन उन्होंने अभी तक विधानसभा से इस्तीफा नहीं दिया है। इसी तरह विधानसभा में भाजपा के विधायकों की संख्या घटकर 24 रह गई है, क्योंकि उसके दो विधायक- ढुलू महतो (बाघमारा) और मनीष जायसवाल (हजारीबाग) ने लोकसभा चुनाव लड़े और अभी वे सांसद हैं।
