शिमला. एजेंसी। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने कहर बरपाया है। शिमला, मंडी और कुल्लू जिलों में बादल फटने के बाद आई बाढ़ से भारी तबाही हुई है। तीनों जिलों में करीब 52 लोग लापता हैं, जबकि 5 शव बरामद कर लिए गए हैं। शिमला में 36, मंडी में 9 और कुल्लू में 7 लोग लापता हैं। बादल फटने के बाद भारी बारिश से 47 घर, 10 दुकानें, 7 पुल, तीन स्कूल, एक डिस्पेंसरी, बस अड्डा, 18 वाहन, दो बिजली प्रोजेक्ट और एक बांध बह गया है। कुल्लू के जाओन व निरमंड में बादल फटने से श्रीखंड यात्रा का बेस कैंप प्रभावित हुआ है। प्रदेश में सात घंटों में 305 मिमी से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड किया गया है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने खराब मौसम को देखते हुए मंगलवार रात से रेड अलर्ट जारी किया था। भारी बारिश से प्रदेश में दो एनएच समेत 445 सड़कें बंद है। नदी-नाले उफान पर हैं। ब्यास का जलस्तर बढ़ने पर पंडोह डैम से पानी छोड़ना पड़ा। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। सबसे ज्यादा तबाही शिमला जिला के रामपुर इलाके के झाकड़ी में हुई है। यहां सैलाब और भूस्खलन के कारण लापता हुए 36 लोगों की तलाश की जा रही है। झाकड़ी में समेज खड्ड में हाइड्रो प्रोजेक्ट के नजदीक बादल फटने से आये सैलाब के कारण लोगों को बचाने के लिए प्रशासन ने बचाव अभियान तेज कर दिया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और अग्निशमन की टीमें बचाव अभियान में जुटी हैं। शिमला के उपायुक्त अमित कश्यप भी मौके पर पहुंचे।
मंडी जिला में तीन परिवारों के नौ लोग लापता
मंडी जिला के द्रंग विधानसभा क्षेत्र की थल्टू खोड में बादल फटने से भारी तबाही हुई है, जिनमें तीन परिवारों के नौ लोग लापता हैं, जबकि 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हुई है। मंडी के डीसी अपूर्व देवगन ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पधर उपमंडल के सभी स्कूल और शिक्षण संस्थान आज बंद कर दिए गए हैं। राहत व बचाव दलों ने एक शव बरामद किया गया है, जबकि 35 लोगों को सुरक्षित बचाया गया हैं। इधर कुल्लू जिला में भारी वर्षा से कई जगहों पर नुकसान हुआ है। कुल्लू की डीसी एस रवीश के मुताबिक निरमंड में बादल फटने से दो पुल ध्वस्त हुए। इनमें एक निर्माणाधीन पुल है। इसके अलावा आठ से नौ घर बह गए और सात लोग लापता हैं।

गृहमंत्री शाह ने की मुख्यमंत्री सुक्खू से बातचीत
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू खुद राहत और बचाव कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, होम गार्ड और फायर सर्विसेज की टीमें राहत, खोज और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य को सुचारु रूप से करने के निर्देश दिये गए हैं। इधर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से फ़ोन पर बात कर राज्य में बादल फटने से हुए उत्पन्न स्थिति की जानकारी ली। गृह मंत्री ने केंद्र सरकार की तरफ़ से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
