रायपुर. न्यूजअप इंडिया
कांग्रेस जांच दल के बलौदाबाजार घटना स्थल जाने पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि, कांग्रेस बलौदाबाजार जैसी घटना पर भी राजनीति कर रही है। यह बेहद शर्मनाक है, जबकि सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए पहले कलेक्टर-एसपी को हटाया गया, फिर दोनों को सस्पेंड किया गया। मामले में कई FIR दर्ज की गई है। कई उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि धरना स्थल में कई कांग्रेस नेता उपस्थित थे। इन नेताओं का वहां क्या काम था? दरअसल, कांग्रेस नेताओं ने लोगों को भड़काने का काम किया है। साव ने कहा कि सत्ता जाने के बाद कांग्रेस नेताओं में भारी बौखलाहट है। ये लोग अपनी राजनीति के लिए छत्तीसगढ़ को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। इसे जनता जान चुकी है। छत्तीसगढ़ में किसी भी कीमत पर अराजकता और हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। असामाजिक तत्वों पर कठोरता से कार्रवाई की जाएगी।
न्यायाधीश बाजपेयी करेंगे घटना की जांच
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि सरकार ने बलौदाबाजार घटना की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित की है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश सीबी बाजपेयी की एकल सदस्यीय टीम घटना की जांच करेगी और 3 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। सरकार छत्तीसगढ़ की शांति और कानून व्यवस्था के लिए पूरी तरह से सजग है।
भाजपा ने जांच समिति का किया गठन
इधर कांग्रेस के बाद अब भाजपा ने भी बलौदाबाजार हिंसा मामले में जांच कमेटी गठित कर दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने समिति का गठन किया है, जिसमें कैबिनेट मंत्री दयाल दास बघेल के नेतृत्व में 5 सदस्यीय समिति का गठन किया है। सभी तथ्यों की जांच के बाद जांच समिति 7 दिन में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। समिति में कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल को संयोजक बनाया गया है। मंत्री टंकराम वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा, अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष नवीन मार्कंडेय और पूर्व विधायक रंजना साहू को समिति का सदस्य बनाया गया है।
