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Friday, August 29, 2025

CRPF का सब इंस्पेक्टर हुआ डिजिटल अरेस्ट का शिकार, फ्राड कॉलर ने दिखाया गिरफ्तारी का डर, 17 दिन में गंवा दिए 22 लाख रुपये..!

AMBIKAPUR NEWS. न्यूजअप इंडिया.कॉम
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में डिजिटल अरेस्ट का एक और मामला सामने आया है। अबकी बार केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सब इंस्पेक्टर (SI) ने फ्रॉड कॉल के चक्कर में आकर 22 लाख रुपये गंवा दिए। ठगो ने SI को खाते से गैर कानूनी काम होने का डर दिखाया। एसआई फ्रॉड कॉल के झांसे में एसआई इस तरह आ गया कि उसने गिरफ्तारी के डर से पत्नी के जेवर गिरवी रखकर और बेटे के नाम की एफडी तोड़कर फ्रॉड करने वालों द्वारा बताए गए विभिन्न खातों में 22 लाख रुपये डाल दिए। एसआई ने मामले की रिपोर्ट गांधीनगर थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल अंबिकापुर में सब इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ आर. महेन्द्रन पिता के. रामास्वामी (55 वर्ष) 5 जून की सुबह करीब 9.23 बजे सीआरपीएफ कैंप अंबिकापुर में था। इसी बीच एक व्यक्ति ने मोबाइल पर कॉल कर कहा कि टेलीकॉम डिपार्टमेंट गवर्मेंट ऑफ इंडिया दिल्ली से रविशंकर बोल रहा हूं। आपके आधार से सिम कार्ड लिया गया है और उक्त सिम से गैर कानूनी काम हो रहे हैं। सिम को 2 घंटे में बंद कर दिया जाएगा और इसकी रिपोर्ट दिल्ली पुलिस में की जा रही है। कुछ देर बाद पुन: दिल्ली पुलिस के नाम से एक व्यक्ति ने फोन कर सीआरपीएफ एसआई का नाम पूछा और मोबाइल पर वीडियो कॉल किया। 17 दिनों तक ठगी का सिलसिला चलने के बाद जब फ्रॉडों का मोबाइल बंद बताने लगा तो सीआरपीएफ एसआई को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने मामले की रिपोर्ट गांधीनगर पुलिस थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात मोबाइल धारकों के खिलाफ धारा 66 (डी) व 118 (4) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दिल्ली में खाता, 2 करोड़ के ट्राजेक्शन का डर
एसआई आर. महेन्द्रन के मुताबिक सामने वाला व्यक्ति पुलिस यूनिफॉर्म में था। उसने अपना आईडी दिखाते हुए कहा कि आपके आधार से बैंक ऑफ बड़ौदा नेहरू पैलेस दिल्ली में 23 जनवरी 2025 को खाता खोला गया है। इसमें गैर-कानूनी रुपयों का लेन-देन हो रहा है। सीआरपीएफ जवान ने बताया कि वह मेरा खाता नहीं है। इसके बाद उसने कहा कि इस खाते में लगभग 2 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। इस मामले में पकड़े गए आरोपी ने बयान दिया है कि उसने खाताधारक को 10% कमीशन दिया है। फ्रॉड ने एसआई से कहा कि आपके खाते का वेरीफिकेशन होगा। ठग ने खाता नंबर देकर रुपये ट्रांजेक्शन करने के लिए कहा।

एसआई ने सैलरी खाते से ट्रांसफर किए रुपये
सीआरपीएफ एसआई ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वीडियो कॉल पर डीसीपी सीबीआई के नाम पर दूसरा व्यक्ति बात करने लगा। उसने सीआरपीएफ जवान को एक खाता नंबर दिया। उसमें 6 जून को 49 हजार 999 रुपये डालने के लिए कहा। सीआरपीएफ एसआई ने दिए गए खाते में सैलरी अकाउंट से रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उसने सीआरपीएफ जवान को कहा कि तुम्हारे खाते में जितना पैसा है, उसका वेरीफिकेशन किया जाएगा। सीआरपीएफ जवान ने डर से अपने खाते का 2 लाख 58 हजार 648 रुपये दिए गए अलग-अलग खाते में ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद अलग-अलग दिनों तक ठगी की जाती रही।

ठगों ने एसआई को गिरफ्तारी का दिखाया डर
ठगों ने सीआरपीएफ एसआई को बताया गया कि वेरीफिकेशन में आपकी कमाई अपराधिओं के खाते से मैच करता है। इसमें आपके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस बनता है और आज शाम तक गिरफ्तारी की जाएगी। आप सीआरपीएफ में हैं, इसलिए आपको बचाने की पूरी कोशिश की जाएगी। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में बात करूंगा। इसके बाद फोन कट कर दिया और थोड़ी देर बाद पुन: कॉल कर बताया गया कि तुम कल तक 10 लाख रुपये का इंतजाम करो। तुम्हारे परिवार को खतरा हो सकता है, इसलिए ये बात किसी को मत बताना। एसआई ने डर से किसी को नहीं बताया और हर घंटे व्हाट्सअप पर उसे अपनी रिपोर्ट देता रहा।

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