RAIPUR NEWS. न्यूजअप इंडिया.कॉम
छत्तीसगढ़ को वित्तीय वर्ष 2024-25 में जीएसटी और वैट से 23,448 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त हुआ है, जो प्रदेश के कुल कर राजस्व का 38% है। छत्तीसगढ़ ने 18% की जीएसटी वृद्धि दर हासिल की है, जो देश में सर्वाधिक है। यह जानकारी अफसरों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बताया। सीएम साय ने 2 जुलाई को मंत्रालय स्थित महानदी भवन में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग की समीक्षा बैठक ली थी। उन्होंने विभाग के कामकाज और रेवेन्यू की विस्तार से जानकारी ली।
सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि टैक्स की राशि का उपयोग देश और प्रदेश के विकास कार्यों में होता है, इसलिए सभी को ईमानदारीपूर्वक टैक्स अदा करना चाहिए। जो लोग कर (जीएसटी) की चोरी करते हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा उनसे टैक्स की वसूली सुनिश्चित की जाए। बैठक में वित्त एवं वाणिज्यिक कर (जीएसटी) मंत्री ओपी चौधरी ने विभागीय जानकारी साझा करते हुए आगामी दिनों के कार्यक्रमों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जीएसटी संग्रहण के लिए विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि आगे भी नियमों के अनुरूप संग्रहण बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ कर अपवंचन के मामलों एवं उनसे निपटने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने फर्जी बिल, दोहरी बहीखाता प्रणाली और गलत टैक्स दरों का उपयोग कर अनुचित लाभ लेने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सीएम ने विभाग की नवाचारी पहलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जीएसटी पंजीकरण की औसत समय सीमा को 13 दिन से घटाकर 2 दिन कर दिया गया है। बैठक में अधिकारियों ने जीएसटी विभाग द्वारा हाल ही में की गई बड़ी कार्रवाई और टैक्स चोरी की राशि की वसूली की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि विभाग के एक्शन से शासन के राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी 33 जिलों में जीएसटी कार्यालय स्थापित किए गए हैं, जिससे कर संग्रहण और जीएसटी से जुड़ी सेवाओं का कार्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ किया जा रहा है।
