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Friday, August 29, 2025

खुद को अनपढ़ बताने वाले आबकारी मंत्री को सब पता था, विशेष कोर्ट में 1200 पन्नों की चौथी चार्जशीट… EOW ने और क्या कहा जानिए…

RAIPUR. न्यूजअप इंडिया.कॉम
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ सोमवार को आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने विशेष कोर्ट में लगभग 1200 पन्नों का चौथा पूरक चालान पेश किया है। इस चार्जशीट में लखमा की अहम भूमिका का उल्लेख किया गया है। ईओडब्ल्यू ने बताया कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा को आबकारी घोटाले में उनके हिस्से का 64 करोड़ रुपये मिला है, जिसमें 18 करोड़ रुपये के निवेश और खर्च से जुड़े दस्तावेजी साक्ष्य भी मिले हैं। खुद को अनपढ़ बताने वाले तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सब कुछ पता था और वह इसके लिए प्रोटेक्शन मनी भी ले रहे थे।

ईडी-ईओडब्ल्यू की जांच में पाया गया है कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा के संरक्षण में विभागीय अफसरों, शराब कारोबारियों, राजनीति से जुड़े लोगों और व्यवसायियों के माध्यम से सुनियोजित घोटाले को चलाया जा रहा था। भ्रष्टाचार से हासिल रकम को व्यक्तिगत और परिवार के हितों में खर्च किया गया। EOW ने विशेष कोर्ट में अब तक तीन पूरक अभियोग पत्रों सहित कुल चार चार्जशीट पेश कर चुकी है। इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 13 मार्च को स्पेशल कोर्ट में ईडी ने 3,841 पन्नों का चालान पेश किया था, जिसमें जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा समेत 21 अन्य को आरोपी बनाया गया था। ईडी-ईओडब्ल्यू अभी भी इस मामले की जांच कर रही है। कुछ दिन पहले ईडी ने सुकमा जिले के कांग्रेस भवन को भी सील किया था।

जेल में बंद हैं पूर्व मंत्री कवासी लखमा
बता दें कि शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। इससे पहले उनसे 2 बार ईडी दफ्तर बुलाकर पूछताछ की गई थी। कवासी लखमा को गिरफ्तार करने से पहले ईडी ने उन्हें 7 दिन कस्टोडियल रिमांड में लेकर पूछताछ की थी। उसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक लखमा को 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। पिछली सुनवाई के दौरान जेल में पर्याप्त सुरक्षा बल नहीं होने के कारण लखमा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने लखमा की रिमांड बढ़ा दी थी। कवासी लखमा अभी भी जेल में बंद है।

क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला?
तत्कालीन कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार के दौरान पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और मुख्यमंत्री सचिवालय की तत्कालीन उपसचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ आयकर विभाग ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 11 मई, 2022 को याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया कि छत्तीसगढ़ में रिश्वत, अवैध दलाली के बेहिसाब पैसे का खेल चल रहा है। इसमें रायपुर महापौर रहे एजाज ढेबर का भाई अनवर ढेबर अवैध वसूली करता है। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में दायर याचिका के आधार पर ईडी ने 18 नवंबर, 2022 को PMLA एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। आयकर विभाग से मिले दस्तावेजों के आधार पर ईडी ने जांच के बाद 2161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले का खुलासा किया है। ईडी ने रायपुर की विशेष कोर्ट में पेश चार्जशीट में इसका जिक्र किया था।

अफसर-कारोबारी और राजनैतिक सिंडिकेट
ईडी ने अपनी चार्जशीट में बताया था कि किस तरह अनवर ढेबर के आपराधिक सिंडिकेट के जरिए आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया। ईडी ने चार्जशीट में कहा कि 2017 में आबकारी नीति में संशोधन कर CSMCL के जरिए शराब बेचने का प्रावधान किया गया, लेकिन 2019 के बाद शराब घोटाले के किंगपिन अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का MD नियुक्त कराया। उसके बाद अफसरों, कारोबारियों और राजनैतिक रसूख वाले लोगों के सिंडिकेट के जरिए भ्रष्टाचार किया गया, जिससे 2161 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ। इस मामले में ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था।

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