रायपुर. न्यूजअप इंडिया
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस भवन निर्माण को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब पार्टी पर ही शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सुकमा जिले में कांग्रेस के राजीव भवन निर्माण को लेकर समन देने के बाद पार्टी के प्रदेश महासचिव मलकीत सिंह गेंदू से करीब 8 घंटे तक पूछताछ हुई। ईडी ने उन्हें भवन निर्माण फंड का सोर्स क्या था, भवन निर्माण और जमीन खरीदने के लिए कितने पैसे खर्च किए गए ऐसे सवाल पूछे हैं। कांग्रेस पार्टी ने करीब 33 पन्नों की जानकारी दी है। इधर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने प्रभारी महामंत्री को जबरिया ईडी दफ्तर में घंटों बैठाए जाने को बेहद आपत्तिजनक करार दे रहा है।
बता दें कि 2161 करोड़ के आबकारी घोटाले केस में आबकारी मंत्री कवासी लखमा की गिरफ्तारी के बाद प्रोटेक्शन मनी के पैसे से सुकमा में राजीव भवन बनाने के इनपुट ईडी को मिले हैं। जांच का दायरा आगे बढ़ाते हुए ईडी ने कांग्रेस के छत्तीसगढ़ मुख्यालय राजीव भवन में दबिश दी थी और समन जारी कर सुकमा के कांग्रेस दफ्तर के संबंध में जवाब मांगा था। गुरुवार को ईडी के दफ्तर में प्रदेश महासचिव मलकीत सिंह गैदू पहुंचे। उनसे आठ घंटे तक पूछताछ हुई। मीडिया से कांग्रेस महासचिव ने कहा कि ईडी ने जो जानकारी मांगी थी। वह कांग्रेस की ओर से उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने चार बिंदुओं में जानकारी मांगी थी। ईडी ने 3 मार्च को कांग्रेस महासचिव को फिर एक बार बुलाया है। वहीं सूत्रों का कहना है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ईडी सुकमा जिले के कांग्रेस भवन को कुर्क भी कर सकती है।
राजीव भवन की पाई-पाई का हिसाब देंगे
ईडी कार्यालय में जवाब देने के लिए जाने से पहले मलकीत सिंह गैदू ने बताया था कि सुकमा और कोंटा में बने कांग्रेस भवन के संबंध में चार बिंदुओं पर जानकरी मांगी गई थी। जिसकी जानकारी देने के लिए वे 30 पन्नों का जवाब लेकर पहुंचे हैं। हम सुकमा और कोंटा के राजीव भवन (कांग्रेस जिला कार्यालय) के निर्माण की पाई- पाई का हिसाब देंगे। ईडी को कुछ अतिरिक्त जानकारी चाहिए तो वह लिखित में मांग सकती थी, उस जानकारी को भी उपलब्ध कराया जायेगा।
ईडी को लेकर भाजपा-कांग्रेस में सियासत
मंगलवार को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पहुंची थी। ED के चार अफसरों ने कांग्रेस प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू से बातचीत कर उनको समन सौंपा था। समन सुकमा -कोंटा में राजीव भवन निर्माण को लेकर जानकारी मांगी थी। आबकारी घोटाला केस में मनी लॉड्रिंग केस के तहत सुमन जारी किया गया था। कांग्रेस दफ्तर में ईडी के पहुंचने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। भाजपा-कांग्रेस के नेता एक दूसरे पर तीखे वार कर रहे हैं। भाजपा इसे भ्रष्टाचार पर शिकंजा करार दे रहे हैं, तो वहीं कांग्रेस इसे BJP का षड़यंत्र करार दे रही है।
ED ने इन बिंदुओं पर मांगी थी जानकारी
- सुकमा जिले के कांग्रेस भवन का काम कब शुरू हुआ और कब खत्म हुआ।
- कांग्रेस भवन को बनाने वाले ठेकेदार का नाम क्या है, कितने का टेंडर और डिटेल।
- भवन निर्माण और जमीन खरीदने के लिए कितने पैसे खर्च किए गए हैं।
- फंड का सोर्स क्या था, मटेरियल और ठेकेदार को भुगतान कैसे किया गया।
BJP कार्यालय की भी होनी चाहिए जांचः बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि ईडी को राजनैतिक दल के कार्यक्रमों के खर्चों एवं पार्टी दफ्तर के निर्माण का ब्यौरा जानने का इतना ही शौक है तो सिर्फ कांग्रेस का ही क्यों वह भाजपा के भी खर्चों की पड़ताल करे। ईडी में साहस है तो वह भाजपा के 150 करोड़ रुपये की लागत से बने भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे को बनाने का रुपया कहां से आया इसकी भी जांच करे? कुशाभाऊ ठाकरे परिसर फाइव स्टार होटल की तर्ज पर बनाया गया है। रायपुर में ही भाजपा के कार्यालय एकात्म परिसर की जमीन राजनैतिक दल के कार्यालय के लिए भाजपा ने एक रुपये में हासिल किया था। एकात्म परिसर को व्यवसायिक कॉम्पलेक्स में तब्दील कर दिया गया है। भाजपा 1.5 करोड़ किराया वसूलती है। ईडी को इसकी जांच करनी चाहिए। ईडी भाजपा के अनुषांगिक संगठन की भांति काम कर रही है।