RAIPUR. न्यूजअप इंडिया.कॉम
छत्तीसगढ़ में गोल्ड स्मगलिंग मामले में ED (प्रवर्तन निदेशालय) की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने सोना तस्करी सिंडिकेट से जुड़े सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की है। सोना तस्करी से जुड़े सचिन केदार और पुरुषोत्तम कवले की करीब 3 करोड़ 76 लाख की संपत्ति अटैच की है। टीम ने जिन संपत्तियों को अटैच किया है उसमें बैंक एकाउंट में जमा पैसे, जमीन, जेवर और फ्लैट्स भी शामिल हैं। शुक्रवार को इस कार्रवाई को लेकर ईडी ने अपना स्टेटमेंट जारी किया है। ईडी अभी इस मामले की जांच कर रही है। सोना तस्करी को लेकर आने वाले दिनों में और बड़ा खुलासा होने की उम्मीद की जा रही है।
ED के अनुसार गोल्ड तस्करी सिंडकेट से जुड़े लोगों के खिलाफ यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत की गई है। ED ने यह जांच डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की शिकायत के आधार पर की थी। दरअसल, डीआरआई ने 2021 में विदेश से सोना लाकर अवैध तरीके से भारत में लाने वाले तस्करों को पकड़ा था। सोना खपाने के लिए अवैध तरीके से रायपुर भी भेजा गया था। जब इस मामले की जांच ED ने शुरू की तो पता चला है कि अवैध तरीके से सोना छत्तीसगढ़ के तीन शहरों में बेचा गया है। जांच में सोना छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में बेचे जाने का खुलासा हुआ।
कुछ दिन पहले हुई थी एक गिरफ्तारी
पिछले दिनों तस्करी करके सोना लाने वाले कैरियर्स को डीआरआई ने पकड़ा था। डीआरआई की अभियोजन शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू हुई थी। गोल्ड तस्करी कर बांग्लादेश बॉर्डर के जरिए भारत लाया गया था। जानकारी के अनुसार, तस्करी का सोना रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और नागपुर समेत मुंबई में नामचीन ज्वेलर्स को बेचा गया था। तस्करी किए गए विदेशी सोना और चांदी के रूप में कुल 260.97 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जुटाने का अनुमान है। ईडी ने अपने स्टेटमेंट में बताया कि गोल्ड स्मगलिंग सेंडिकेट मामले में ईडी अभी तक कुल 64.14 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर चुकी है।