BILASPUR. न्यूजअप इंडिया.कॉम
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगने पर सुनवाई को दो हफ्ते बाद तय कर दिया है। ED की कार्रवाई को लेकर भूपेश बघेल और चैतन्य बघेल ने पहले सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सीधे आने के बजाय उन्हें हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी।
मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से कहा गया कि चैतन्य बघेल के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था में कमी नजर आ रही है। जिस कारण से कुछ स्वास्थ्यगत परेशानी भी हो रही है। जिस पर कोर्ट की ओर से जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। बता दें कि चैतन्य बघेल ने अपनी गिरफ्तारी और हिरासत को असंवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को भिलाई तीन स्थित निवास से ईडी ने गिरफ्तार किया था। वे पिछले 24 दिनों से केन्द्रीय जेल रायपुर में बंद हैं। उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था और उन्हें हाईकोर्ट में अपील करने का निर्देश दिया था। इसके बाद चैतन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें दावा किया गया कि उनकी हिरासत गैरकानूनी है और ईडी ने कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया।
हाईकोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में मामले की सुनवाई हुई। चैतन्य बघेल की ओर से अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि उनकी गिरफ्तारी में प्रक्रियात्मक अनियमितताएं बरती गईं। वहीं ईडी ने जवाब दाखिल करने के लिए हाई कोर्ट से समय मांगा, जिसे स्वीकार कर लिया गया। अब मामले में अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। भूपेश बघेल ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है।