रायपुर. न्यूजअप इंडिया
महाराष्ट्र की ट्रेनी IAS ऑफिसर पूजा खेडकर का मामला गर्माया हुआ है। इस बीच छत्तीसगढ़ में भी फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट से सरकारी नौकरी करने वालों के नाम सामने आए हैं। इनमें डिप्टी कलेक्टर से लेकर पशु चिकित्सक तक शामिल हैं। इसे लेकर सरकार से शिकायत कई बार शिकायत भी की गई है। छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ ने रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया है कि प्रदेश में फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट बनाकर 21 लोग उच्च पदों पर नौकरी कर रहे हैं।
दिव्यांग संघ के प्रदेश अध्यक्ष बोहित राम चंद्राकर ने मीडिया को बताया कि वर्तमान में पीएससी से सलेक्ट होकर 7 डिप्टी कलेक्टर, 3 नायब तहसीलदार, 3 लेखा अधिकारी, 3 पशु चिकित्सक, 2 सहकारिता निरीक्षक सहित 21 लोग फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र लगाकर सरकारी नौकरी कर रहे हैं। जिला मेडिकल बोर्ड के डॉक्टर्स से मिली-भगत करके लोग फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट बनवाने के बाद प्रदेश में 50 से ज्यादा आरक्षित पदों पर नौकरी कर रहे हैं। इसमें डिप्टी कलेक्टर, लेखा अधिकारी, नायब तहसीलदार, सहकारिता निरीक्षक, पशु चिकित्सक, कृषि विभाग सहित अन्य शामिल हैं।
फर्जी सर्टिफिकेट से 181 कर रहे नौकरी
राजधानी रायपुर में विभिन्न जिले से आए दिव्यांगों के साथ संघ के प्रदेश अध्यक्ष बोहितराम चन्द्राकर ने कहा कि पूजा खेडकर की तरह प्रदेश में 181 लोग सरकारी नौकरी कर रहे हैं। फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी पाने वाले की जांच भी नहीं हो रही है। ऐसे लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत के बाद भी कार्रवाई को अटकाने का प्रयास करते हुए दोषियों को बचाने और शिक्षित दिव्यांगों का हक मारने वाले लोगों को पनाह दी जा रही है। ऐसे तंत्र के खिलाफ संघ ने अब विरोध का मन बना लिया है। कोई कार्रवाई नहीं होने से अब राजधानी में उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर है।
इन विभागों में नौकरी कर रहे फर्जी दिव्यांग
दिव्यांग संघ के प्रदेश अध्यक्ष बोहित राम चंद्राकर ने बताया कि उन्होंने 2 साल पहले उद्यान विभाग के 11 ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी, कृषि विभाग के 52 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, मुंगेली जिले के 39 अधिकारी-कर्मचारी, लोक निर्माण विभाग के करीब 15 सब इंजीनियर, जल संसाधन विभाग के 10 सब इंजीनियर के फर्जी दिव्यांग होने की शिकायत की थी, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। संघ के अध्यक्ष ने इस रैकेट को चलाने वाले कुछ लोगों के नाम भी गिनाए और इनकी जांच कर एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की है।
छत्तीसगढ़ दिव्यांग संघ करेगा आंदोलन
संघ के अध्यक्ष ने बताया कि वर्षों से काबिज लोगों की सूची बनाई गई है। छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ ऐसे अधिकारियों की जांच करवाने की मांग विगत दो साल से कर रहा है। दिव्यांग संघ ने 10 सूत्रीय मांगों से शासन-प्रशासन को अवगत कराते हुए 15 दिनों का समय दिया गया है। अगर इस बीच कोई कार्रवाई नहीं की गई तो 21 अगस्त को प्रदेशभर के दिव्यांग युवा एकजुट होकर तेलीबांधा मरीन ड्राइव से मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च करके ज्ञापन देंगे। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान किसी प्रकार की विषम परिस्थिति के लिए शासन-प्रशासन के लोग ही जिम्मेदार होंगे।
