रायपुर. न्यूजअप इंडिया
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में नक्सलियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। माओवादियों ने जवानों से भरे वाहन को ब्लास्ट करके उड़ा दिया। हमले में 9 जवान शहीद हो गए। हमला बीजापुर के कुटरू मार्ग में किया गया है। आईईडी धमाका इतना शक्तिशाली था कि जमीन पर तालाब जैसा गड्ढा हो गया है। गाड़ी के पखच्चे उड़ गए। गाड़ी का एक हिस्सा तो बेहद ऊंचे पेड़ पर जाकर अटक गया। विस्फोट इतना भयानक था कि शहीद जवानों के शव कई टुकड़ों में विभक्त हो गए। इससे समझा जा सकता है कि नक्सलियों ने 50 किलो विस्फोट का उपयोग किया होगा।

सुरक्षाबलों के ताबड़तोड़ ऐक्शन से बौखला चुके नक्सलियों ने जवानों से भरी एक गाड़ी को निशाना बनाया। बीजापुर के कुटरू मार्ग के बेदरे में नक्सलियों ने रास्ते में आईईडी बम प्लांट कर दिया था। गाड़ी के इसके ऊपर आते ही बेहद शक्तिशाली धमाका हुआ। गाड़ी में मौजूद जवानों के शरीर क्षत-विक्षत हो गए। मौके पर 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया। गाड़ी के कई हिस्से कई सौ मीटर दूर तक बिखर गए। एक हिस्सा तो पेड़ पर जाकर गिरा। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। एक DRG का जवान अभी लापता है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीम जुटी हुई है।

सर्चिंग ऑपरेशन से लौट रहे थे जवान
बता दें कि शहीद जवानों में 8 डीआरजी के जवान और एक ड्राइवर है। सभी जवान 3 जनवरी को एंटी नक्सल ऑपरेशन पर निकले थे, जहां 4 जनवरी को पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में दंतेवाड़ा DRG का जवान प्रधान आरक्षक सन्नू कारम शहीद हुआ था। दो दिन पहले हुए मुठभेड़ में पुलिस ने पांच नक्सलियों को मार गिराया था। सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान दो महिला नक्सली सहित कुल 5 वर्दीधारी नक्सलियों मारे गए थे।

ब्लास्ट के बाद नक्सलियों ने की फायरिंग
मृत नक्सलियों में डीकेएसजेडसी पीएलजीए प्लाटून नंबर 32 के सीनियर कैडर भी शामिल था। सर्च में AK 47, SLR जैसे आटोमैटिक हथियार भी बरामद हुए हैं। इसी मुठभेड़ के बाद जवान वापस मुख्यालय लौट रहे थे, तभी घात लगाए नक्सलियों ने वाहन को निशाना बनाया। ब्लास्ट के बाद नक्सलियों द्वारा फायरिंग भी किए जाने की खबर है। बता दें कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने के बाद से अब तक 200 से ज्यादा नक्सली मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं।
