जांजगीर-चांपा. न्यूजअप इंडिया
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पटवारी ने ग्रामीण से काम की एवज में 3500 रुपए मांगे थे। शिकायत के बाद ACB ने कार्रवाई करते हुए पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। इससे पहले एसीबी ने खैरागढ़ जिले में एक पटवारी को 4 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। पटवारी विवेक परगनिहा है और वह खैरागढ़ जिले के प्रकाशपुर हल्का नंबर-11 में पदस्थ था।
एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक साथ दो जगहों पर कार्रवाई कर राजस्व महकमे की पोल खोल दी है। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पनगांव निवासी संजय कुमार खुंटे ने एसीबी रायपुर में शिकायत की थी कि उसने ग्राम पनगांव में 25 डिसमील जमीन खरीदी है, जिसका नक्शा कटवाने के लिए आरोपी पटवारी विजय लहरे से संपर्क करने पर उनके द्वारा 3500 रुपये की रिश्वत मांगी गई है। प्रार्थी रिश्वत नहीं देता चाहता था, बल्कि रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था।
शिकायत सही पाये जाने के बाद एसीबी बिलासपुर की टीम ने ट्रेप कर पटवारी विजय लहरे, ग्राम-पनगांव, जाजंगीर-चांपा को पटवारी कार्यालय में पीड़ित से 3500 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। दोनों प्रकरणों के आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है। एसीबी बिलासपुर की टीम रिश्वतखोर पटवारी को लेकर न्यायालय जांजगीर-चांपा में पेश करेगी। एसीबी की कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि राजस्व विभाग में कोई काम बगैर पैसों के नहीं होता। पूरा अमला भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है।
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