BIJAPUR. न्यूजअप इंडिया.कॉम
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में गुरुवार को हुए मुठभेड़ में 26 नक्सली मारे गए थे। सुरक्षाबलों के लगातार सफल ऑपरेशन के बाद नक्सलियों में दहशत है। फोर्स के एक्शन से घबराए 22 नक्सलियों ने रविवार को हिंसा का रास्ता छोड़ सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वाले 22 नक्सलियों में से 6 नक्सलियों पर 11 लाख रुपये का ईनाम घोषित था। इन नक्सलियों में AOB डिवीजन सदस्य, तेलंगाना स्टेट कमेटी सदस्य, समेत प्लाटून मेम्बर्स शामिल हैं।
नक्सलियों ने सीआरपीएफ के डीआईजी देवेंद्र सिंह नेगी और एएसपी डॉक्टर यूलेण्डन यॉर्क के सामने सरेंडर किया है। बीजापुर में नए साल से लेकर अब तक 107 नक्सलियों ने सरेंडर कर चुके हैं। बता दें कि मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद को खत्म करने की डेडलाइन तय की गई है। नक्सलियों को जड़ से खत्म करने अंदरुनी इलाकों में फोर्स के कैंप खोले जा रहे हैं, जिससे नक्सली बैकफुट पर हैं। पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में माओवादियों को भारी नुकसान हो रहा है।
गुरुवार को मारे गए 30 नक्सली
बता दें कि बस्तर संभाग में गुरुवार को 30 नक्सली सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए थे। बीजापुर जिले में हुई एक बड़ी मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को बड़ी क्षति पहुंचाई थी। यहां जवानों ने 26 नक्सलियों को मार गिराया था। वहीं बस्तर संभाग के ही कांकेर जिले में 4 नक्सली मारे गए हैं। वहीं एक जवान भी इस मुठभेड़ में शहीद हुआ है। मारे गए नक्सली टॉप कैडर के थे, जिसमें एक नक्सली पर 8 लाख और 17 नक्सली 5-5 लाख रुपये का इनाम था।
भारी मात्रा में हथियार भी बरामद हुए
मिली जानकारी के मुताबिक, बीजापुर गंगालूर इलाके के अरंडी के जंगलों में जवानों ने नक्सलियों के बड़े कैडर्स की मौजूदगी की सूचना पर उनको घेरने के लिए एक बड़ा ऑपरेशन लांच किया था। दंतेवाड़ा-बीजापुर जिले की संयुक्त टीम ने नक्सलियों का घेरा था। बीजापुर के सरहदी इलाकों में जवानों की टीम अभी भी सर्चिंग कर रही है। मुठभेड़ स्थल से AK, SLR, इंसास, 303, 315 बोर, 12 बोर, भरमार आदि हथियार भी बरामद किए गए हैं।