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Friday, January 30, 2026

“भाईचारा रखो, छल-कपट त्यागो, एक-दूसरे का हाथ थामो, जियो और जीने दो– यही जीवन का असली मंत्र”

  • उदारता और दानशीलता के लिए छत्तीसगढ़ में मशहूर हैं प्रसिद्ध नाड़ी वैद्य गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख
  • गरीब, असहाय या संकट में फंसे व्यक्ति की खबर लगते ही पहुंच जाते हैं मदद करने
  • पब्लिसिटी नहीं बल्कि एक-दूसरे के प्रति मदद का भाव पैदा करना है उनका उद्देश्य
  • मोक्षधाम फाउंडेशन के जरिए शिक्षा और स्वास्थ्य में करते हैं जरूरतमंद की दिल खोलकर मदद
  • गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख का कहना- मानव सेवा ही सबसे बड़ी ईश्वर सेवा, परोपकार होते रहना चाहिए

दीपक देवदास. बालोद

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले की डौंडीलोहारा तहसील के छोटे से गांव भेड़ी (सुरेगांव) में रहने वाले प्रसिद्ध नाड़ी वैद्य गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख अपनी उदारता और दानशीलता के लिए पूरे क्षेत्र में मशहूर हैं। वे किसी गरीब, असहाय या संकट में फंसे व्यक्ति की खबर लगते ही बिना किसी प्रचार के चुपचाप मदद को पहुंच जाते हैं। उनका मानना है कि इंसान इस दुनिया में खाली हाथ आता है और खाली हाथ ही जाता है। जो कुछ भी कमाया, वह यहीं रह जाएगा। इसलिए जीते जी उस धन का कुछ हिस्सा दूसरों के काम आए, यही सच्चा जीवन है।

गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख का मकसद कभी अपना नाम करना या दिखावा करना नहीं रहा। वे तो बस लोगों के दिल में एक भाव जगाना चाहते हैं कि अगर कोई मुसीबत में है, तो उसका दर्द हमारा भी दर्द है। कोई अनजान भी तकलीफ में हो तो हमारा भाई ही तो है, उसकी मदद करना हमारा फर्ज है। यही वजह है कि आज आसपास के सैकड़ों गांवों में जब भी कोई मुश्किल आती है, लोग कहते हैं, “चलो गुरुदेव जी को खबर करो। वे जरूर कुछ रास्ता निकालेंगे।” सच्ची सेवा वही है जो बिना शोर, बिना कैमरे, बिना नाम के की जाए। बिरेंद्र देशमुख जी इसी सच्ची सेवा का जीता-जागता उदाहरण हैं।

परोपकार से मन को सुकून मिलता है
संत गुरुदेव बिरेंद्र कुमार देशमुख का कहना है कि ईश्वर ने जो दिया है उसे वह विभिन्न रूपों में लोगों को ही वापस कर रहे हैं। उन्हें परोपकार करने से सुकून मिलता है। मैं देशवासियों से कहना चाहूंगा कि हम लोग जितने भी संसार में आए है और सभी को सब चीज यही छोड़कर जाना है। जब तक जीवन हैं प्रेम से जिए, सुख-दुख में एक-दूसरे का सहयोग करते हुए जीवन यापन करें। मेरे यही कामना है। बता दें कि संत गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख लकवा, वात, कैंसर, अस्थमा सहित कई रोगों को दूर करने दवाई देते हैं। इसके एवज में लोगों से वे सामान्य शुल्क लेते हैं, जबकि गरीबों की वे निशुल्क इलाज करते हैं।

जो लिया यहीं लिया, जो दिया यहीं दिया
गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख ने कहा कि हम इस दुनिया में आए हैं तो कुछ भी लेकर नहीं आए, जो भी लिया यही से लिया और जो भी देना है यहीं देना है। उन्होंने बताया कि उनके पास इलाज के लिए आने वाले लोगों से एक सप्ताह की दवाई जब वह देते हैं तो दवाई के खर्च के अलावा सिर्फ 10 रुपए लेते हैं। इस तरह एक महीने की दवाई में दवाई के खर्च के अलावा सिर्फ 40 रुपए ही लेते हैं और जो पैसे लेते हैं उसे वह हमेशा दान और परोपकारी कार्य में लगाते हैं। उन्होंने बताया कि इससे गरीब बच्चियों की शादी में सहयोग के रूप में हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।

देश का प्रमुख तीर्थ बनेगा निमोरा गांव
नाड़ी वैद्य गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख के द्वारा गुण्डरदेही ब्लॉक के ग्राम लिमोरा में 64 योगिनी कामधेनु मंदिर का भव्य निर्माण किया जा रहा है। यहां पर राजस्थान में बनाई गई कामधेनु और माता काली की मूर्ति विगत दिनों लाई गई है। मोक्षधाम फाउंडेशन के तहत मंदिर परिसर में अन्य निर्माण कार्य जारी है। मंदिर को बनवाने के लिए दानदाताओं का भी सहयोग लिया जा रहा है। स्वयं भिक्षाटन करके प्रत्येक घरों में जाकर गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख ने लोगों से दान मांगा है। धर्मप्रेमी दान और सहयोग से इस मंदिर के निर्माण में योगदान दे रहे हैं। यह देश का प्रमुख तीर्ख भी बनेगा

नांदगांव में 17 एकड़ में बनेगा आश्रम
संत गुरुदेव बिरेंद्र कुमार देशमुख ने बताया कि राजनांदगांव में 17 एकड़ में विभिन्न आश्रम खोले जाएंगे। यहां पागलों के इलाज के लिए विशेष सुविधा रहेगी, जो निशुल्क रहेगी। इसके अलावा अमृत आश्रय, मुक बधिर, ध्यान साधना केंद्र, गुरुकुल और गौशाला भी प्रारंभ किए जाएंगे। यह सभी निशुल्क रहेगा। देशमुख ने बताया कि ईश्वर ने जो दिया है उसे विभिन्न रूपों में वापस करता हूं। शिक्षा और स्वास्थ्य दो ऐसे क्षेत्र है, जिसमें वह हमेशा योगदान देने तत्पर रहते हैं।

मेरा उद्देश्य सिर्फ मानव सेवा: देशमुख
समाजसेवी श्री बिरेंद्र देशमुख ने कहा कि गुण्डरदेही ब्लॉक के लिमोरा में 64 योगिनी कामधेनु मंदिर का भव्य निर्माण जारी है। जो भारत का एक ऐसा मंदिर है, जिसमें दान पेटी नहीं रहेगी और हम मोक्षधाम फाउंडेशन की ओर से स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रहे हैं। मैं कोई राजनीतिक दल से ताल्लुक नहीं रखता हूं ना भविष्य में कोई राजनीति करना चाहता हूं। मेरा उद्देश्य है सिर्फ मानव सेवा करना। श्री देशमुख ने बताया कि सभी को एकजुट कर एक-दूसरे के प्रति सहयोग का भाव बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

दुर्घटना से परिवार बेघर हो जाता है
मोक्षधाम समिति द्वारा यातायात को ध्यान में रखते हुए दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट दिया गया। गुरुदेव देशमुख ने कहा कि लोग केवल पुलिस के डर से हेलमेट लगाते हैं, लेकिन हमारा फाउंडेशन चाहता है कि लोग यातायात के प्रति सजग रहे। नियम का पालन करें। पुलिस से ना डरे। अपने परिवार और स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए हेलमेट लगाकर चले, चाहे वह कहीं भी जाए। क्योंकि जब घर का मुखिया गाड़ी से निकलता है तो उनके पीछे परिवार इंतजार करता है कि वे कब लौटेंगे। भगवान करे किसी के साथ कोई दुर्घटना ना हो। दुर्घटना होती है तो परिवार बेघर हो जाते हैं।

मानव सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा
गुरुदेव देशमुख ने कहा कि हमारी योजना छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में जाने की है। स्वच्छता और जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाना है। साफ-सफाई करना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, कूड़ा कचरा हम लोग भी फैलाते हैं। यह हम सब नागरिकों की जिम्मेदारी है कि सफाई हो, स्वच्छता हो। छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में जाकर हम इस अभियान से लोगों को जोड़ेंगे। हमारी संस्था सनातन संस्कृति को बचाने का काम करती है। सबका साथ लेकर चलने, सब का सहयोगी बनने, सबके सुख-दुख में साथ चलने के लिए प्रेरित करते हैं। देशवासियों को यही संदेश देना चाहता हूं कि भाईचारा के साथ जीवन जीए। छल-कपट त्यागकर जीवन में एक-दूसरे का सहयोग करें। मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है।

गुरुदेव देशमुख का सेवा भाव जारी
गुरुदेव वीरेंद्र देशमुख ने न केवल धार्मिक क्षेत्र में योगदान दिया है, बल्कि विभिन्न अवसरों पर अनेक सामाजिक और मानवीय सेवाएं भी की हैं। इन कार्यों से उनकी समाज सेवा के प्रति निष्ठा स्पष्ट दिखाई देती है। गुरुदेव के प्रमुख सेवा कार्य इस प्रकार हैं।

  • दुर्ग जिले के नवागांव (पूरदा) में स्कूल में कमरा निर्माण के लिए 8 लाख रुपये दिए।
  • ग्राम भंडेरा (सुरेगांव) में आग पीड़ित परिवार को ₹1,00,000 की आर्थिक सहायता।
  • ग्राम चारवाही में ₹51,000 का सहयोग।
  • निकुम में यादव परिवार को ₹31,000 की मदद।
  • नवागांव (दुर्ग) में स्कूल कक्ष निर्माण।
  • माहुद स्कूल में शेड एवं गार्डन सौंदर्यीकरण।
  • कांकेर जिले के गोल कुम्हड़ा में स्वच्छ शौचालय के लिए 11,000 रुपये सहयोग।
  • सिकोला में धार्मिक स्थल के जीर्णोद्धार के लिए 21,000 का सहयोग।
  • कोहका में शिवाजी मूर्ति स्थापना हेतु ₹11,000 का सहयोग।
  • ग्राम लिमोरा के तीन गरीब परिवारों को घर निर्माण हेतु ₹33,000 की आर्थिक सहायता।
  • ग्राम निकुम में शोक ग्रस्त यादव परिवार की माता और बेटी को ₹25000 की मदद किए।
  • बालोद जिले के लोहारा ब्लॉक के भंडेरा गांव में मायाराम पटेल का घर आग में पूरी तरह जल जाने पर उन्हें ₹1 लाख की मदद किए।
  • धमतरी में भी एक परिवार को 51000 की मदद किए।
  • बालोद ब्लाक के ग्राम जगन्नाथपुर के एक युवा पत्रकार दीपक यादव को इलाज के लिए आर्थिक मदद।
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