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Friday, August 29, 2025

डेढ़ साल के भीतर BJP की साय सरकार ने चौथी बार बढ़ाएं बिजली के दाम, जनता की जेब में सरकार कर रही डकैती… कांग्रेस करेगी चरणबद्ध आंदोलन…

RAIPUR. न्यूजअप इंडिया
प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर लूटने का काम भाजपा सरकार ने किया है। घरेलू खपत पर 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, गैर घरेलू बिजली की दर 25 पैसे प्रति यूनिट महंगी कर दी गई है। सर्वाधिक बढ़ोतरी कृषि पंप के बिजली के दाम में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि करके की गई है। छत्तीसगढ़ के किसान इस सरकार की दुर्भावना और उपेक्षा के चलते पहले ही खाद, बीज और बिजली कटौती से परेशान हैं, अब कृषि पंप में बिजली की दर बढाकर किसानों की कमर तोड़ रही है।

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि इतिहास गवाह है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारों में जनता को लूटने के तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। 2003 से 2018 तक भाजपा की पूर्ववर्ती रमन सरकार ने हर साल बिजली के दामों में वृद्धि की। 2003 में छत्तीसगढ़ में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 3 रुपए 30 पैसे के दर पर बिजली मिला करती थी, जिसे 15 साल के कुशासन के बाद रमनसिंह के समय ही 6 रुपए 40 पैसे तक बढ़ाया गया, जिसे चुनाव चुनावी वर्ष 2018 में मात्र 20 पैसे घटकर 6 रुपया 20 पैसे किया गया। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार में पूरे 5 साल का नेट वृद्धि यदि देखें तो मात्र दो पैसे का था, जो ऐतिहासिक तौर पर सबसे न्यूनतम था।

छत्तीसगढ़ में घरेलू बिजली की दर में वृद्धि निम्नानुसार हुईः-
साल बिजली की दर
2003-04 3.30
2017-18 6.40 (+3.10)
(रमन सरकार में कुल वृद्धि 3 रुपए 10 पैसे अर्थात 94 प्रतिशत)
2018-19 6.20
2019-20 5.93 (-27)
2020-21 5.93 (0)
2021-22 6.08 (+15)
2022-23 6.22 (+12)
2023-24 6.22 (0)
(कांग्रेस सरकार के 5 साल में कुल वृद्धि मात्र .02 रुपए या 2 पैसे अर्थात केवल 0.32 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई)
2023-24 6.22
वर्तमान में 7.02 (+.80)
(भाजपा की वर्तमान साय सरकार के डेढ़ साल में कुल वृद्धि 80 पैसे अर्थात 13 प्रतिशत बढ़ोत्तरी)

बैज ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने बिजली के घाटे को पाटते हुए बिजली बिल ऑफ योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 65 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग 3240 करोड रुपए के सब्सिडी देकर बहुत बड़ी राहत दी थी। किसानों को 5 एचपी तक निशुल्क बिजली दिया, बीपीएल उपभोक्ताओं को 40 यूनिट तक मुक्त बिजली दी गई। अस्पतालों, उद्योगों को सब्सिडाइज्ड दर पर बिजली देकर राहत पहुंचाया। भाजपा की सरकार आने के बाद प्रदेश भर में बिजली की कटौती शुरू हो गई और कीमत लगातार बधाई जाने लगी है। कोयला हमारा, पानी हमारा, जमीन हमारी और हमें ही महंगे दर पर बिजली बेचा जा रहा है?

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि भाजपा के नेता, मंत्री, विधायक और अधिकारी एसी का मजा लूट रहे, कई सरकारी विभाग बिजली का बकाया बिल जमा नहीं कर रहें, सरकारी उपक्रमों और सरकार के चहेतों का करोड़ों का बिजली बिल का भुगतान लंबित है, उसकी वसूली भी जनता से कर रही है। सत्ता के संरक्षण में बिजली चोरी और लाइन लॉस के मामले बढ़े हैं, जिसके चलते हो रहे नुकसान की भरपाई भी जनता से वसूली करके करना चाहती है यह सरकार….। केंद्र की मोदी सरकार के गलत नीतियों के चलते हैं बिजली का उत्पादन लागत बढा है, कोयले पर ग्रीन टैक्स चार गुना अधिक बढ़ा दिए, रेलवे का माल भाड़ा अधिक वसूल रहे हैं, थर्मल पॉवरप्लांट को अडानी की कंपनी से महंगे दर पर कोयला खरीदने बाध्य किया जा रहा है, डीजल पर सेंट्रल एक्साइज बढ़ाए जाने से परिवहन में और फायर के लिए उपयोग होने वाले डीजल की लागत बढ़ी है जिसकी भरपाई भी उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाकर किया जा रहा है।

दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश भर से अनाप-शनाप बिजली बिल आने की शिकायत लगातार आ रही है, स्मार्ट मीटर के नाम पर अधिक बिल उपभोक्ताओं को भेजा जा रहा है, अब तो जनता को लूटने के लिए अडानी की कंपनी का प्रीपेड मीटर भी लगाने की तैयारी है। भाजपा सरकार पूरे समय बिजली नहीं दे पा रही है, अघोषित कटौती रोज-रोज जारी है, ऊपर से सरकार ने बिजली के दामों में एक बार फिर बढ़ोतरी करके जनता की जेब में डकैती डाला है। ऽ कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार के ऐसे अन्यायपूर्ण फैसले का विरोध करती है, सरकार के इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ कांग्रेस पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी।

दो वर्षों में हमने जनता की लड़ाई लड़ी – दीपक बैज
इन दो वर्षों में आप सबके सहयोग के लिए आभार, कांग्रेस नेतृत्व का आभार जिन्होंने हमारे ऊपर भरोसा दिखाया इतनी बड़ी जिम्मेदारी दिया। हमारी नेता मा. सोनिया गांधी जी, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. खड़गे जी, मा. राहुल गांधी जी, केसी वेणुगोपाल जी, सचिन पायलट जी, प्रदेश कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेताओं, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व डिप्टी सीएम टी.एस. सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू जी सहित अपने वरिष्ठ नेताओं, कांग्रेस के सहयोगी मित्रों, कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों सभी के प्रति आभार, मीडिया के प्रति विशेष आभार आपने हमारे संघर्षों को मंच दिया। दो वर्षों में हमारी कोशिश रही की हम जनता की लड़ाई लड़े। जनता की तकलीफों की आवाज बनें, हमने एक दर्जन से अधिक न्याय यात्रायें की, आंदोलन किया, विधानसभा घेराव, सीएम हाउस घेराव, धरना प्रदर्शन जैसे तमाम लोकतांत्रिक हथियारों से विपक्ष के धर्म को निभाने का काम किया, हम कितने सफल रहे, यह आंकलन करने का काम आप सब पर छोड़ता हूं। लेकिन हमारा संघर्ष जन सरोकारों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता आगे भी जारी रहेगी।

खाद के नाम पर भाजपा किसानों को ठगने का काम कर रही
भाजपा किसानों को ठगने का काम कर रही है। प्रदेश में किसानों को उर्वरक नहीं मिल पा रहा, बोवाई का काम, रोपाई का समय तेजी से बीत रहा है, खुले बाजार में भी खाद उपलब्ध नहीं है। सरकार लगातार झूठ बोल रही की पूरे प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। सरकार ने विज्ञापन भी जारी किया है कि सरकारी सोसायटियों में पर्याप्त मात्रा में नैनो, डीएपी उपलब्ध है।
दूसरी तरफ सरकार अभी दिनांक 11 जुलाई फिर से नैनो खरीदने हेतु निविदा अखबारों में प्रकाशित करवाई है। पत्रकार वार्ता में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, वरिष्ठ नेता सत्यनारायण शर्मा, पूर्व सांसद छाया वर्मा, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पूर्व महापौर एजाज ढेबर,डॉ. राकेश गुप्ता, वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, नितिन भंसाली, अजय गंगवानी, सत्यप्रकाश सिंह, पूर्णचंद पाढ़ी, सौरभ साहू, ऋषभ चंद्राकर उपस्थित थे।

सवाल यह उठता है –

  1. कब खरीदी होगा, कब सप्लाई और भंडारण होगा, कब बाटेंगे, जरूरत तो आज है। अगस्त, सितंबर में शुरू में भी सप्लाई होगा तो अनुपयोगी होगा और इसकी लाइफ़ 6-7 माह रहती है फिर ये एक्सपायर हो जाएगा। समय बीत जाने के बाद उपलब्धता का क्या लाभ?
  2. सरकार यदि वास्तव में जागरूक और ईमानदार किसान हितैषी होती तो ये कदम अप्रैल में लेना था, अभी महंगे दाम पर खाद लेने के लिए किसान को व्यापारियों के पास झोंक दिया।
  3. 1350 में मिलने वाला खाद 2000 में बेचे जा रहे है, कोचियों, बिचौलियों और जमाखोरी को सरकार का संरक्षण है। नकली और मिलावटी खाद खुले आम बिक रहे है। निजी खाद दुकानों में कहीं भी स्टॉक का वेरिफिकेशन नहीं हो रहा है। प्रदेश में निजी खाद बेचने वाले व्यापारियों खास कर डीएपी के सुपर स्टॉकिस्ट/डीलर कौन है, सरकार बताये?
  4. प्रदेश में 2354 सहकारी समितियों के स्टॉक डिटेल सरकार सार्वजनिक करें, झूठे प्रचार नहीं।
  5. हमने अपने ब्लॉक अध्यक्षों से कहा है कि वे खुद सोसायटी में जाकर भौतिक सत्यापन करें।

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